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नीति आयोग ने पूर्वोत्तर क्षेत्र जनपद एसडीजी सूचकांक और डैशबोर्ड 2021-22 जारी किया

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नीति आयोग ने पूर्वोत्तर क्षेत्र जनपद एसडीजी सूचकांक और डैशबोर्ड 2021-22 जारी किया

केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री किशन रेड्डी के संरक्षण तथा राज्यमंत्री श्री बीएल वर्मा के सर्वकालिक समर्थन से उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय देश के पूर्वोत्तर भाग की सेवा करने के लिये प्रतिबद्ध है, जैसा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस क्षेत्र को ‘अष्ट लक्ष्मी,’ यानी सम्पदा की देवी के आठ रूप कहा है।

अपने अब तक के छोटे से कार्यकाल के दौरान दोनों मंत्रियों ने गृह, वित्त, रेल, नागरिक विमानन, शिक्षा, कृषि, दूरसंचार, जलशक्ति, स्वास्थ्य जैसे प्रमुख मंत्रालयों के अपने समकक्षों और एनएचएआई के साथ कई दौर की बातचीत की है, ताकि चालू परियोजनाओं को गति मिले। इसके अलावा नई परियोजनाओं/योजनाओं पर भी चर्चा की गई, ताकि क्षेत्र का आमूल विकास हो सके और वहां के लोगों के लिये रोजगार के अवसर पैदा हो सकें। पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ भी कई दौर की बातचीत हुई, जो राज्यों में कार्यान्वित परियोजनाओं के विषय में थी। इन प्रयासों से पूर्वोत्तर राज्यों के लिये केंद्र के सकारात्मक रुख का पता चलता है, बल्कि इन प्रयासों से कई सुपरिणाम भी सामने आये हैं, जिनका ब्योरा नीचे दिया जा रहा हैः

  • गृह- सीमा क्षेत्र सड़क विकास – दस प्रतिशत जीबीएस के तहत तीव्र विकास।
  • रेलवे – पूर्वोत्तर में 122 सुरंगों का काम प्रगति पर, 27 पूर्ण।
  • दूरसंचार – पूर्वोत्तर में मोबाइल फोन कनेक्टिविटी के लिये 6000 गांवों की पहचान की गई। पांच हजार से अधिक गांवों के लिये संविदा की कार्रवाई पूरी। बचे हुये गांवों में संविदा प्रक्रिया जारी।
  • नागरिक विमानन – पूर्वोत्तर के लिये ‘उड़ान’ के अंतर्गत छोटी उड़ानों की शुरूआत और ‘उड़ान’ के अंतर्गत कुछ नये रूटों पर विचार।
  • पर्यटन – पर्यटन सचिव ने फिल्म उद्योग, मुम्बई के साथ बातचीत की कि पूर्वोत्तर में फिल्मों की शूटिंग की संभावनायें तलाशी जायें। उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय के परामर्श से पूर्वोत्तर में 100 दर्शनीय स्थलों का विकास।
  • स्वास्थ्य – अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, गुवाहाटी का काम प्रगति पर।
  • तेल ताड़ – पूर्वोत्तर के लिये 12,000 करोड़ रुपयें में से 6000 करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • केंद्रीय मंत्रियों के पूर्वोत्तर दौरे में बढ़ोतरी।

परिणामस्वरूप, मंत्रालय और उसके संगठनों के कामकाज में उल्लेखनीय बदलाव आया, जिसका पता साफ तौर पर उनकी उपलब्धियों में नजर आता हैः

नीति आयोग के सहयोग से उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय का पूर्वोत्तर क्षेत्र जनपद एसडीजी सूचकांक और डैशबोर्ड 2021-22: यूएनडीपी के तकनीकी सहयोग से, यह देश का अपने तरह का पहला कदम है, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र पर विशेष ध्यान देता है। यह सूचकांक आठ पूर्वोत्तर राज्यों के जिलों के कामकाज का मूल्यांकन करता है। यह पहली बार है, जब जिलावार सूचकांक को देश में तैयार किया जा रहा हो। एसडीजी सूचकांक को कल्याणकारी गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा के विकास की योजना बनाने के लिये इस्तेमाल किया जायेगा। अध्यक्ष महोदय आजीविका सृजन की जरूरत पर जोर देते हैं, जिससे न केवल पारिवारिक आय में बढ़ोतरी होगी, बल्कि जीवन स्तर भी ऊंचा होगा।

 

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